जंग
इंतज़ार है मुझे, लगा हूँ तलाश पे
फ़क़त है अँधेरा चल रहा लाश पे
सो जाओ तुम जहाँ से उठा हूँ मैं अदा से
हट जाओ आज मेरी जंग है खुदा से
आ जा देख लूँ तेरा जलवा जलाल में
उठ जाए नक़ाब ना रह तू हिजाब में
हो जाए हिसाब जीत लें जो बदा है
जंग जिससे है मेरी वो मेरा खुदा है
बस इत्तेफाक़ था पहले उसे तुम मिल गए
आ एक और दाँव आ, हैं जन्मों से दिलजले
सहता रहा जिसे, वो जीतता रहा सदा ही
हो ना हो है मेरी जंग जिससे है वो खुदा ही
छीन लाऊँ तू बोल मेरी जाँ कबसे अदा है
मेरी जान वापस कर अभी अगर तू खुदा है
अदा से... बदा है। सदा ही... अदा है।
खुदा से खुदा है खुदा ही खुदा है ।

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