Tuesday, December 22, 2015




Nothing



Whatever I think
just sums up to nothing.
Whichever way I link
thoughts vanish in a blink
disguised power of reason
always rushes to find something
It has been always a circle
but what to do about that itching
to find something of meaning
but there is none, it's a trap
trickery played by life's lap.
nothing has meaning, must be true
Nothing Has Meaning, must be true



गुड़िया

तुझे गोद में उठाऊँगा
तुझे कंधे पे ले जाऊँगा 
मैं तुझे आइस क्रीम खिलाऊँगा
तेरी हर बात मानूँगा
और तेरे साथ घर-घर खेलूँगा
तू मेरी सबसे पूरानी दोस्त 
मेरी जादू की पूडिया

बस एक बार, एक बार 
तू फिर से छोटी हो जा गुड़िया

तुझे बहुत सारी डॉल दिलाऊँगा
ज़्यादा कुछ देने को नहीं मेरे पास लाडो
और ना ही किसी को मैं तुझे दूँगा
ग़लती माफ़ करना बहना
तेरी चोटी नहीं खींचूँगा और ना झूला छीनून्गा
ना चोक्स्लएम दूँगा, कभी नही रुलाऊँगा
लंडन्स्टॅयानी और शम्पन्शौन्ता को भाषा बना लूँगा
सच मानो लड्डू, तू मेरी जादू की पूडिया

बस एक बार, एक बार 
तू फिर से छोटी हो जा गुड़िया