
जब भी उनका ख्याल आता है,
आते ही ् तन् में एक आग लगाता है,
लगाने वाला लता है जीवन का एक सवाल,
सवाल का जवाब भी हमें आता है,
आते हुए भी ये दिल घबराता है,
घबराता है उनसे, जिनहोने लिखी हमारी ज़िंदगी,
ज़िंदगी तो कबकी हो चुकी है उनकी,
उनकी जिनसे हमने की है दिल्लगी,
दिल्लगी से न मिटे दिल का करार,
करार मिटे जब हो उनका दीदार,
दीदार में छुपा एक और सवाल,
सवालों से बना शूलों का एक हार,
हार न मानूं मैं जब तक है उनका प्यार,
ये प्यार ही मुझे वापस खींच लाता है,
लाता है लाकर सवालों में फिर फँसाता है,
फंसता हूँ क्यूंकि नही आता इसका अंत,
अंत में उनका ख्याल ही सवाल बन जाता है .

1 comment:
After along time... I actually read Hindi and indeed its a beautiful one... :-) - Val
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